झाबुआ

61 पंचायतों के सचिव-रोजगार सहायकों ने किया कार्य बहिष्कार, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल

संजेली नानिया साथ के सचिव के निलंबन पर पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों ने किया विरोध

झाबुआ (सुनील डाबी ) जनपद पंचायत मेघनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत संजेली नानिया साथ के सचिव लक्ष्मण सिंह हाड़ा के निलंबन ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। बुधवार को विकासखंड की सभी 61 ग्राम पंचायतों के सचिवों एवं रोजगार सहायकों ने एकजुट होकर जनपद पंचायत कार्यालय में काम बंद कर जोरदार नारेबाजी की और जिला पंचायत सीईओ के निर्णय को एकतरफा, अन्यायपूर्ण और प्रक्रियाविहीन बताया।

गोकशी प्रकरण से जुड़ा मामला

पूरा विवाद 6 दिसंबर 2025 को संजेली नानिया साथ के वन क्षेत्र में सामने आए गोकशी मामले से जुड़ा है। इस घटना के बाद प्रशासन की कथित उदासीनता को लेकर सर्व हिंदू समाज में भारी आक्रोश फैल गया था। इसी क्रम में 31 दिसंबर 2025 को मेघनगर नगर बंद रखा गया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी कर्मचारियों, अधिकारियों और गोहत्या में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी।

सूचना न देने का आरोप, सचिव  को बनाया गया बलि का बकरा

एसडीएम मेघनगर ने 9 दिसंबर 2025 को जनपद पंचायत सीईओ को पत्र जारी कर आरोप लगाया कि गोकशी स्थल के पास बने सरकारी तालाब के निर्माण के बावजूद घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को नहीं दी गई। इसी आधार पर पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नोटिस एक माह बाद, निलंबन समय से पहले

जनपद पंचायत द्वारा 16 दिसंबर 2025 को सचिव लक्ष्मण सिंह हाड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन यह नोटिस उन्हें एक माह बाद 15 जनवरी 2026 को प्राप्त हुआ। इससे भी अधिक चौंकाने वाली बात यह रही कि नोटिस में दी गई समय-सीमा पूरी होने से पहले ही 16 जनवरी 2026 को जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।

प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

कर्मचारियों का कहना है कि

  • सचिव को अपना पक्ष रखने का वास्तविक अवसर नहीं दिया गया

  • पत्राचार में घोर लापरवाही हुई

  • बिना जांच पूरी किए दंडात्मक कार्रवाई कर दी गई

इसी कारण यह निलंबन प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन माना जा रहा है।

सीईओ ने मानी कार्यालयीन चूक

विरोध बढ़ता देख जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रज्ञा साहू कर्मचारियों को समझाइश देने पहुंचीं। उन्होंने स्वीकार किया कि कार्यालयीन स्तर पर पत्राचार में त्रुटि हुई है और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेजकर दोषियों पर कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा। हालांकि, कर्मचारी इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए।

सेवानिवृत्ति से पहले निलंबन बना मानसिक आघात

निलंबित सचिव लक्ष्मण सिंह हाड़ा ने कहा कि वे मात्र एक वर्ष बाद सेवानिवृत्त होने वाले हैं और यह निलंबन उनके सेवा जीवन पर एक दाग की तरह है, जिससे उन्हें गंभीर मानसिक पीड़ा पहुंची है।

जनपद अध्यक्ष भी उतरीं समर्थन में

जनपद पंचायत अध्यक्ष ललिता मुकेश मुनिया ने सचिवों और रोजगार सहायकों के आंदोलन को जायज ठहराते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से कर्मचारियों का मनोबल टूटता है और प्रशासन को निष्पक्ष जांच के बाद ही निर्णय लेना चाहिए।

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