झाबुआ में “रेल के साथ खेल नहीं” अभियान का भव्य आयोजन
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बच्चों व आमजन को किया गया जागरूक

झाबुआ (सुनील डाबी ) वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल, रतलाम (पश्चिम रेलवे) रामराज मीना के दिशा-निर्देशन में रेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा शरारती तत्वों द्वारा की जा रही गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से मंडल स्तर पर “रेल के साथ खेल नहीं” नामक विशेष जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सवारी गाड़ियों पर पत्थरबाजी, रेलवे ट्रैक एवं उसके समीप स्थित उपकरणों से छेड़छाड़, अनाधिकृत ट्रैक पार करना, रेलवे लाइन पर पत्थर या अन्य वस्तुएं रखना तथा पशुओं के दुर्घटनाग्रस्त होने से रेल संचालन में उत्पन्न हो रही बाधाओं को रोकना है।
इसी क्रम में दिनांक 30 जनवरी 2026 को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट मेघनगर के क्षेत्राधिकार में उप निरीक्षक अंकित चौधरी, उप निरीक्षक मायाराम गुर्जर एवं अन्य बल सदस्यों की टीम द्वारा विभिन्न विद्यालयों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इन विद्यालयों में हुआ आयोजन
पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चैनपुरा
(विकासखंड मेघनगर, जिला झाबुआ)
— जहाँ लगभग 500–550 छात्र, शिक्षक एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नौगावां (झाबुआ)
— जिसमें करीब 600 छात्र, शिक्षक व आम नागरिक शामिल हुए।
पीएम श्री कन्या शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बामनिया
शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बामनिया
— दोनों विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों व ग्रामीणों को एकत्र कर आयोजित कार्यक्रम में कुल 1000–1050 से अधिक लोग उपस्थित रहे।
नुक्कड़ नाटक से दिया गया सशक्त संदेश
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि:
रेलगाड़ियों पर पत्थर फेंकना
रेलवे पटरी पार करना
रेलवे लाइन पर पत्थर या अन्य सामग्री रखना
रेलवे परिसर में वीडियो/रील बनाना
रेलवे संपत्ति से छेड़छाड़ या उसे नुकसान पहुँचाना
ये सभी कृत्य रेल अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध हैं, जिनमें जुर्माना एवं कारावास तक का प्रावधान है।
बल के अधिकारियों ने यह भी बताया कि रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति है, और ट्रेनों में यात्रा करने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर नागरिक का नैतिक व सामाजिक दायित्व है।
जन-सहभागिता से ही रेल सुरक्षा संभव
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने अभियान की सराहना की और भविष्य में रेलवे सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा चलाया गया यह अभियान बच्चों और ग्रामीणों में रेल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।



