झाबुआ से भोपाल तक

चायना डोर से बढ़ते खतरे को देखते हुए झाबुआ मे प्रशासन अलर्ट, सख्त कार्रवाई के निर्देश

झाबुआ जिले में पतंगबाजी के दौरान चायनीज मांझे के उपयोग, भंडारण एवं विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध

झाबुआ, (सुनील डाबी )  मकर संक्रान्ति पर्व के दौरान बड़े पैमाने पर होने वाली पतंगबाजी और उससे जनसामान्य एवं पक्षियों को होने वाले संभावित नुकसान के मद्देनज़र जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए चायनीज मांझे (चायना डोर) के उपयोग, भंडारण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है।

मीडिया और नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार, चायनीज मांझा अपनी अत्यधिक तीक्ष्णता एवं मजबूती के कारण पक्षियों के घायल होने व मृत्यु, तथा राहगीरों के लिए गंभीर दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहा है। जन-सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस खतरनाक धागे पर रोक आवश्यक मानी गई है।

कलेक्टर डॉ. नेहा मीना के अनुमोदन पर अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दण्डाधिकारी श्री चंदरसिंह सोलंकी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया गया है। इसके अंतर्गत झाबुआ जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में चायनीज मांझे के उपयोग, भंडारण एवं विक्रय को 1 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रतिबंधित किया गया है। जनहित को ध्यान में रखते हुए यह आदेश धारा 163(2) के अंतर्गत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है।

निर्धारित अवधि में आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने नागरिकों, व्यापारियों और पतंग प्रेमियों से अपील की है कि वे इस आदेश का पूर्ण पालन कर जन-जीवन की सुरक्षा, पशु-पक्षियों के संरक्षण और पर्यावरण बचाव में सहयोग दें

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