
मेघनगर। क्षेत्र के प्रसिद्ध तीर्थ श्री वनेश्वर मारुति नंदन हनुमान मंदिर में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला हनुमान जयंती महोत्सव इस वर्ष और भी अधिक भव्य एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध होने जा रहा है। इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ-साथ झाबुआ जिले के वनवासी अंचल की परंपराओं और संस्कृति की भी विशेष झलक देखने को मिलेगी।
समाजसेवी सुरेश चंद्र पूरणमल जैन एवं राजेश रिंकू सिंह जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार महोत्सव को जनभागीदारी और लोक-संस्कृति से जोड़ते हुए विशेष रूप दिया गया है। आयोजन का शुभारंभ ब्रज के कलाकारों द्वारा भगवान राधा-कृष्ण की मनमोहक रासलीलाओं से होगा, जो भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगा।

महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न दिनों में भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी—
28 मार्च को भजन गायिका आशा वैष्णव द्वारा भक्ति रस की प्रस्तुति
29 मार्च को मोंटी नटराजन ग्रुप द्वारा श्रीराधा-कृष्ण फूलों की होली का सजीव चित्रण
30 मार्च को अरुणिका काँजीवाल के भजन
31 मार्च (महावीर जयंती) पर दीपक राव जैन की प्रस्तुति
1 अप्रैल को गोकुल शर्मा की भजन संध्या
2 अप्रैल (हनुमान जयंती) के अवसर पर प्रसिद्ध पार्श्व गायक सुरेश वाडेकर अपनी मधुर आवाज से भक्ति की अलख जगाएंगे
इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें झाबुआ जिला के वनवासी क्षेत्रों की लोक आस्था, परंपराएं और सामूहिक सहभागिता को भी प्रमुखता दी जा रही है, जिससे यह महोत्सव केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बनेगा।
मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया है और भगवान हनुमान का विशेष श्रृंगार किया गया है। राम नवमी के पावन अवसर पर बालिका एवं महिला मंडल द्वारा पारंपरिक कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसमें वनवासी समाज की मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
समिति की वरिष्ठ सदस्या श्रीमती सीमा सुरेश जैन एवं श्रीमती नीता राजेश जैन ने समस्त धर्मप्रेमी जनता, विशेषकर वनवासी अंचल के भाइयों-बहनों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस भव्य आयोजन को सफल बनाएं।



