
मेघनगर। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) रतलाम मंडल द्वारा “रेल के साथ खेल नहीं” अभियान के तहत मंगलवार को मेघनगर क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभियान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रामराज मीना के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य रेलवे सुरक्षा से जुड़े खतरों के प्रति आमजन को सचेत करना है।

अभियान के तहत ट्रेनों पर पत्थरबाजी, रेलवे ट्रैक व उससे जुड़े उपकरणों से छेड़छाड़, अनाधिकृत रूप से ट्रैक पार करना, ट्रैक पर वस्तुएं रखना तथा रेलवे लाइन पर पशुओं की आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष पहल की जा रही है। इन घटनाओं से न केवल रेल संचालन बाधित होता है, बल्कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।

इसी क्रम में आरपीएफ की टीम ने मेघनगर के सजेली और नौगांवा ग्राम पंचायतों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में उप निरीक्षक राजा जेफ, उप निरीक्षक अंकित चौधरी सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहा। सजेली गांव में लगभग 50–60 महिलाएं, बच्चे एवं ग्रामीण शामिल हुए, जबकि नौगांवा में करीब 100 लोगों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सरपंच, उपसरपंच, पंच-पटेल एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को सरल और प्रभावी तरीके से बताया गया कि:
- चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकना गंभीर अपराध है, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है
- रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करना अत्यंत खतरनाक है और इससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं
- ट्रैक पर पत्थर या अन्य वस्तुएं रखना रेल दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकता है
- रेलवे संपत्ति के साथ छेड़छाड़ करना कानूनन अपराध है
- ट्रैक पर वीडियो/रील बनाना या सेल्फी लेना जानलेवा साबित हो सकता है

आरपीएफ टीम ने उपस्थित ग्रामीणों को यह भी अवगत कराया कि इस प्रकार की गतिविधियां रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध हैं, जिनमें आर्थिक दंड के साथ कारावास का भी प्रावधान है। इसके अलावा बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से समझाइश दी गई कि वे सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर रेलवे ट्रैक पर किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।




