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*जंगल से कस्बों की तरफ आ रहे जंगली जानवरों ने बढाई जनमानस की चिंता*

*पहले लक्कड बग्घे ओर अब बंदरों के झुंड ने लोगों का किया चेन हराम*

*निर्भयसिंह ठाकुर पिटोल* – आस पास के जंगलों में भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर रिहायशी ईलाकों की ओर रुख कर रहे है। गत दिनों लक्कड बग्घों की पिटोल कस्बे के आस पास हलचल बढी थी ओर अब बंदरों के झुण्ड नें कस्बे के लोगों को हलाकान किया हुआ है। लोगों की छतों पर कुदने फादने वाले बंदरों का झुण्ड खासकर खपरेल वाली छतों को खासा नुकसान पहुंचा रहे है।
         सब्जी एवं फल विक्रेताओं ने बताया कि दिनभर उन्हें इन बंदरों के कारण ज्यादा चोकसी करना पड रही है। बच्चों एवं बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर खास तौर पर चिंता जताई जा रही है। छतो पर कुदने फांदने वाले ये बंदर जब स्कुलों की छतों पर पहुंचते है तो उन्हें देखने की उत्सुकता बच्चों को कक्षाओं से बाहर खिंच ला रही है। पुर्व में इक्का दुक्का बंदरों का पिटोल कस्बे में यदा कदा आना जाना बना रहा था किंतु यहां अभी 8 से 10 बंदरों का यह झुण्ड पहली बार देखा गया जो गत एक पखवाडे से यहां बना हुआ है।
        *खाना व पानी तलाशते देखे जा रहे जानवर* 
      प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घरों की छतों पर चढकर खाने पीने की चीजें तलाशते इन बंदरों को कोई फल तो कोई रोटीयां खिला देता है परंतु इनके लिये यह सब नाकाफि है। जिन लोगों ने अपने घरों या खेतों में फलदार वृक्ष लगा रखे है वे उन्हें भी नुकसान पहुंचा रहे है। ऐसे में उन्हें भगाने के लिये कई जतन किये जा रहे है। कोई फटाखे की आवाज से तो कोई ताली या थाली बजा कर उन्हें भगाने का प्रयत्न कर रहा है। अतुल ने बताया कि इन प्रयासों से उन्हें कोई फर्क नहीं पडता। थोडी देर के लिये भाग जाते है फिर वापस आ जाते है। यहां तक कि कभी कभी सामने हमला करने का भी प्रयास करते है।
                           *इन्होने कहा* 
         लक्कड बग्घों को लेकर वन समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्क किया गया था। पिटोल कस्बे में बंदरों का यह झुण्ड संभवतः टीटकी खेडा के जंगल की ओर से आया है। इन जंगली जानवरों द्वारा किसी को अब तक नुकसान पहुंचाने की खबर नहीं है। बंदरों से भी दूर रहने की सलाह दी जा रही है खासकर बच्चे दूर रहे। वे स्वतः जंगलों की ओर रुख कर लेंगे।
                                               **बापूसिंग बिलवाल*
                                            *वन* *परिक्षैत्र सहायक पिटोल**

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