भक्ति का महाकुंभ: फुटतालाब में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब,
ब्रज के कलाकारों ने साकार की साक्षात 'रासलीला'

मेघनगर (झाबुआ) | मालवा की पावन धरा पर स्थित सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल फुटतालाब इन दिनों ‘मिनी वृंदावन’ के रूप में अपनी आभा बिखेर रहा है। श्री हनुमान जयंती महोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित हो रहे धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया है। कलश यात्रा की भव्यता और संकटमोचन हनुमान जी की गूँजती महाआरती के साथ इस महोत्सव का ऐतिहासिक मंगलारंभ हुआ।
कलश यात्रा से हुआ मंगल प्रवेश: श्रद्धा और आस्था का संगम
आश्रम के परम पूज्य दिलीपदास जी महाराज के दिव्य सानिध्य में महोत्सव का श्रीगणेश हुआ। रामनवमी के पावन पर्व के कारण मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मारुति नंदन का अनुपम और मनमोहक श्रृंगार देख भक्त निहाल हो उठे। ढोल-धमाकों और शंखध्वनि के बीच निकली कलश यात्रा ने समूचे वातावरण को पवित्रता से भर दिया।

साक्षात धरा पर उतरा ब्रज: जब झूम उठे श्रद्धालु
शाम होते ही फुटतालाब का विशाल प्रांगण ‘ब्रज धाम’ की दिव्य आभा से सराबोर हो गया। वृंदावन ग्रुप के व्यास जयराम शर्मा स्वामी जी के कुशल निर्देशन में कलाकारों ने अपनी कला से श्रीराधेकृष्ण की लीलाओं को जीवंत कर दिया।
मयूर नृत्य की मनमोहक छटा: “कान्हा मोर बन आयो…” और “काला काला करे गुजरी…” जैसे भजनों पर जब भगवान श्रीकृष्ण ने मयूर नृत्य किया, तो समूचा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। भक्तों को ऐसा प्रतीत हुआ मानो वे स्वयं यमुना किनारे निकुंज वन में बैठे हों।
भावपूर्ण रासलीला: “रास रचो है, रास रचो है, वृंदावन में रास रचो है…” की मधुर धुन पर ब्रज की गोपियों संग ठाकुर जी के रास ने दिव्यता की पराकाष्ठा को छू लिया।
लीलाओं का सजीव चित्रण: कार्यक्रम में राधा रानी की गोद भराई का भावुक प्रसंग, माँ यशोदा का वात्सल्य और फिर भगवान भोलेनाथ का रौद्र किंतु आनंदमयी ‘तांडव नृत्य’ देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध रह गए। माखन चोरी और मटकी फोड़ लीला ने बाल-कृष्ण की नटखट अदाओं को जीवंत कर दिया।

आज की विशेष प्रस्तुति: “फूलों की होली” के संग मोंटी नटराजन
आयोजन समिति के पप्पू भैया, प्रख्यात समाजसेवी श्री सुरेश चंद्र पूरणमल जैन तथा समस्त समिति सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि महोत्सव की भव्यता आज और अधिक बढ़ने वाली है।
आज का मुख्य आकर्षण: रात्रि 8:00 बजे से सुप्रसिद्ध कलाकार मोंटी नटराजन द्वारा श्रीराधेकृष्ण की ‘फूलो की होली’ की भव्य संगीतमय प्रस्तुति दी जाएगी। इसमें रंगों के बजाय पुष्पों की वर्षा के बीच ठाकुर जी की भक्ति का आनंद बरसेगा।
श्रद्धालुओं से विशेष अपील
आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं, माताओं और बहनों से विनम्र अनुरोध किया है कि इस सात दिवसीय आध्यात्मिक समागम में सपरिवार पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करें। श्री बाँके बिहारी की महाआरती के साथ प्रतिदिन कार्यक्रमों का विश्राम होगा, जिसमें प्रसादी का वितरण भी किया जा रहा है।



