झाबुआ जिले के मेघनगर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्व-गणना अभियान (Self-Enumeration Campaign) के तहत एक ऐतिहासिक पहल कर डिजिटल जागरूकता की नई मिसाल कायम की है। जिला कलेक्टर योगेश तुकाराम भरसट के सशक्त निर्देशों और एसडीएम अवन्धती प्रधान के कुशल मार्गदर्शन में, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी राखी बारिया के नेतृत्व में यह सामूहिक अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 46;
इसके जरिए 300 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने एक ही स्थान पर स्व-गणना फॉर्म भरकर न केवल प्रशासनिक सक्रियता दिखाई, बल्कि पूरे क्षेत्र में डिजिटल साक्षरता की लहर पैदा की। तहसीलदार पलकेश परमार की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं को se.census.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और फॉर्म भरने की स्टेप-बाय-स्टेप ट्रेनिंग दी गई। यह पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल जनगणना से जोड़ने का शानदार उदाहरण है, जहाँ मोबाइल ऐप और ऑनलाइन फॉर्म से डेटा संग्रह तेज, सटीक और पारदर्शी हो रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताएँ, जो समाज की रीढ़ हैं, ने दिखा दिया कि डिजिटल टूल्स हर हाथ में पहुँच सकते हैं। यह अभियान 2025 जनगणना के लक्ष्यों को मजबूत करता है सेक्टर सुपरवाइजर अर्चना सांकते, रेवा गरवाल, सकना डामोर, जेनिशा मेडा, मयूरी पंवार, दीपिका नीमा, मधु, का सराहनीय सहयोग रहा कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने इसे यादगार बनाया। ऐसी पहलों से लाखों ग्रामीण महिलाएँ सशक्त हो रही हैं।