पोषण माह में जागरूकता की मिसाल: मेघनगर के मदरानी सेक्टर में पोषण पखवाड़ा, डबल फोर्टिफाइड नमक और संतुलित आहार पर विशेष जोर

झाबुआ / कूड कोर्ट फेडरेशन कार्यक्रम के संभाग समन्वयक राजकुमार जोशी के नेतृत्व में तथा महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी राखी बारिया के मार्गदर्शन में मेघनगर के मदरानी सेक्टर में पोषण माह के अंतर्गत पोषण पखवाड़े का व्यापक एवं प्रभावी आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरी बालिकाओं एवं बच्चों को पोषण से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं। एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम, संतुलित आहार के महत्व, तथा विटामिन और आयरन की कमी से होने वाले रोगों के बारे में विस्तार से समझाया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन एवं अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व शरीर के समुचित विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, विशेष रूप से गर्भावस्था और किशोरावस्था के दौरान।

कार्यक्रम में डबल फोर्टिफाइड नमक (DFS) की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को बताया गया कि यह नमक आयरन और आयोडीन से युक्त होता है, जो न केवल एनीमिया की रोकथाम में सहायक है, बल्कि मानसिक विकास, थायरॉयड ग्रंथि के संतुलन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नमक, जो हमारे दैनिक भोजन का अनिवार्य हिस्सा है, यदि सही प्रकार का चुना जाए तो यह पोषण सुधार का सशक्त माध्यम बन सकता है। आयोडीन युक्त नमक के नियमित उपयोग से बच्चों में मानसिक मंदता, घेंघा (गॉयटर) जैसी बीमारियों से बचाव संभव है।

गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संतुलित आहार के बारे में जानकारी देते हुए हरी सब्जियां, दालें, दूध, अंडा, फल एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह दी गई। साथ ही स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कुपोषण केवल भोजन की कमी से नहीं, बल्कि पोषक तत्वों की कमी से होता है, इसलिए सही जानकारी और सही खानपान अत्यंत आवश्यक है। सामुदायिक सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही कुपोषण जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
इस अवसर पर सेक्टर सुपरवाइजर अर्चना सांकते, मयूरी पंवार सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता झुमली चारेल, सुकली चत्तर, सबु मेडा, रंजना जाट, सोकिल मकवाना, भावना डामोर, संगीता बारिया, सूर्या गुंडिया, संगीता डामोर, रवीना गरवाल एवं अन्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
पोषण माह के अंतर्गत आयोजित इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम न केवल जनसमुदाय को पोषण के प्रति संवेदनशील बनाते हैं, बल्कि स्वस्थ, सक्षम और कुपोषण मुक्त भारत के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं।



