धरातल पर उतरेगा झाबुआ को कुपोषण मुक्त बनाने का संकल्प
दीदियों के सुझावों से बनेगी नई वितरण प्रणाली

मेघनगर (झाबुआ)। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषण आहार (टेक होम राशन) की व्यवस्था में किए गए ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब इसे धरातल पर पूरी ताकत से उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने आजीविका मिशन से राशन निर्माण और आपूर्ति की जिम्मेदारी वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपी है, जो अब स्थानीय स्व-सहायता समूहों के माध्यम से इसका संचालन करेगा।
इस नई व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और जिला प्रशासन के “कुपोषण मुक्त झाबुआ” के महासंकल्प को धरातल पर सार्थक करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मोनिका बघेल के निर्देशानुसार, महिला एवं बाल विकास परियोजना मेघनगर द्वारा स्थानीय कम्युनिटी हॉल में स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष और सचिवों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई।

*हर बच्चे तक पहुंचेगा पोषण, दीदियों से मांगे सुझाव*
बैठक को संबोधित करते हुए परियोजना अधिकारी राखी बारिया ने कहा, “हमारा एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा भेजा जा रहा पोषण आहार हर पात्र बच्चे की थाली तक बिना किसी रुकावट के पहुंचे। जब हर बच्चा स्वस्थ होगा, तभी ‘कुपोषण मुक्त झाबुआ’ का हमारा साझा सपना सच हो सकेगा।” उन्होंने इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपस्थित समूहों की अध्यक्षों और सचिवों से सीधे संवाद किया और उनसे व्यावहारिक सुझाव मांगे। प्राप्त सुझावों के आधार पर जल्द ही एक मजबूत वितरण प्रणाली लागू की जाएगी।
ये रहे उपस्थित
बैठक में सेक्टर सुपरवाइजर अर्चना सांकते, मयूरी पंवार, प्रियंका गमार सहित परियोजना मेघनगर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्व-सहायता समूहों की अध्यक्ष, सचिव और सक्रिय सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




